अमेरिका की क्रांति का इतिहास और विकास किस प्रकार रहा है :– अमेरिका में स्वतंत्रता की लड़ाई। ( fight for independence in america )

  • अमेरिका की खोज किस प्रकार हुई
  • उत्तरी अमेरिका में किस प्रकार लोग बसे
  • अमेरिकी क्रांति के कुछ महत्वपूर्ण कारण ये भी रहे
  • 7 year war ( 1754 –63)
  • शुगर एक्ट 1764 , क्वॉरेंटाइन एक्ट 1764 ,स्टाम्प एक्ट 1765
  • Tea Act 1773 ,बॉस्टन टी पार्टी ,बोस्टन मैसेकर 1770
  • अमेरिका क्रान्ति का अंत कैसे हुआ ।

अमेरिका की खोज किस प्रकार हुई
अमेरिका के मूल निवासियों को रेड इंडियन कहा गया। जो कि अपना जीवन एक जनजातियों की तरह बिताया करते थे अमेरिका की खोज कोलंबस द्वारा 1492 में किया गया था। कोलंबस द्वारा इसे पश्चिमी भारत नाम दिया गया क्योंकि उनका मानना था यह भारत का एक भाग है क्योंकि कोलंबस भारत की खोज में निकले थे इसलिए उन्होंने सोचा यह भारत का ही कोई एक हिस्सा है।

उत्तरी अमेरिका में किस प्रकार लोग बसे।
अमेरिका की खोज होने से स्पेनिश , फ्रांसीसी और ब्रिटिश यहां अपना अधिकार स्थापित करने में लग गए थे । 16वीं और 17वीं शताब्दी तक इन्होंने यहां काफी भू – भाग को कब्जा कर लिया था। इंग्लैंड ने 1609 से लेकर 1732 तक यह 13 उपनिवेशों को स्थापित किया। इन उपनिवेशों में काम करने के लिए अफ्रीका से लोगों को लाया गया जो यहां बस गए थे । बहुत सारे यूरोपीय लोग यूरोप से भाग कर उत्तरी अमेरिका में आकर इन उपनिवेशों में रहने लगे क्योंकि उनका मानना था कि यहां यूरोप की तुलना में राजा के अत्याचार नहीं सहना पड़ता है। इन्होंने यहां अपनी सोसाइटी में अच्छे विचारों को जन्म दिया जो यहां आगे चलकर क्रांति का एक कारण भी बना था

उपनिवेश – यह वह स्थान था । जहा इंग्लैंड के द्वारा शासन किया जाता था। इनकी संख्या 13 थी। जिसमे वहां के मूल निवासी रहा करते थे तथा कुछ मात्रा में अन्य यूरोपी तथा अफ्रीकन लोग रहा करते थे जिसमे ग्रेट ब्रिटेन अपना शासन चलती थी। जो की क्रांति के बाद 13 उपनिवेश 13 स्टेट में विभाजित हो गए थे।

अमेरिकी क्रांति के कुछ महत्वपूर्ण कारण ये भी रहे।
1–अमेरिकी भू भाग के एक हिस्से पर 13 उपनिवेशों में अलग-अलग गवर्नरों द्वारा शासन किया जाता था। इन गवर्नरों को ग्रेट ब्रिटेन के राजा के द्वारा सीधे चुना जाता था । लंदन के पार्लियामेंट में सभी 13 उपनिवेशों के लिए कानून बनाया जाता था। लंदन के पार्लियामेंट में अमेरिकी लोगो के लिए कानून बनाए जाता था । पर उनकी उसे पार्लियामेंट में कोई भूमिका नहीं होती थी जो कि अमेरिकी क्रांति का एक हिस्सा भी रहा ।

2– इन 13 उपनिवेशों में पहले उपनिवेश और इंग्लैंड के बीच व्यापार हुआ करता था। जिसमें समय के साथ इन उपनिवेशो ने अपना आपस में व्यापार करना शुरू कर दिया था जिसमें आगे चलकर इंग्लैंड ने हस्तक्षेप किया जो की क्रांति का एक कारण भी रहा।

क्रांति के कई और भी कारण रहे जिसमें ब्रिटिश द्वारा लागू किए गए नए नियम। जिसे ये अपना मुनाफा चाहते थे। यह नियम कुछ इस प्रकार हैं।

1– 1751 में समुद्री व्यापार जिसमें केवल ब्रिटिश जहाज का ही प्रयोग होगा। इसके तहत आप अन्य जहाजो को प्रयोग नहीं कर सकते हो।

2– 1760 में इंडिगो , चीनी , तंबाकू का व्यापार केवल आप इंग्लैंड के साथ कर सकते हैं अन्य किसी देश के साथ यह व्यापार नहीं किया जाएगा।

3– 1763 में ये 13 उपनिवेश अपना आपस में व्यापार नहीं कर सकते हैं ।
ये 13 उपनिवेशो में रहने वाले लोगों ने टैक्स से बचने के लिए अपना सामान चुपके से अपने आस पास के उपनिवेशों में बेचने लगे। लेकिन 1763 के बाद ब्रिटिशो के नए नियम के बाद यह करना बहुत मुश्किल हो गया था ।
क्योंकि ब्रिटेन ने 7 साल के युद्ध में अपना बहुत कुछ खो दिया था ,जिसकी भरपाई के लिए उसने इन उपनिवेशों पर टैक्स लगाने का सोचा।
[ 7 year war ( 1754 –63)
यह युद्ध ब्रिटेन और फ्रांस के बीच अमेरिकी भू–भाग पर कब्जा करने के लिए हुआ इस युद्ध में फ्रांस की बुरी तरह हार हुई। इसके बाद फ्रांस ने अपने क्षेत्र को स्पेन और ब्रिटेन को देना पड़ा । इसके बाद फ्रांस ने अपना पूरा क्षेत्र ब्रिटेन को देना पड़ा। अब उत्तरी अमेरिका में ऐसी कोई ताकत नहीं थी जो ग्रेट ब्रिटेन को हरा सके। ]

7 वर्षो के इस युद्ध के बाद ।
उत्तरी अमेरिका से फ्रांस के चले जाने के बाद और युद्ध के कारण ब्रिटेन को बहुत कर्जा हुआ था । जिसकी भरपाई के लिए उसने 13 उपनिवेशों पर टैक्स लगाने की बात कही जिसके तहत ब्रिटिश लोगों द्वारा टैक्स लगाया गया जो कुछ इस प्रकार से रहे।

1– शुगर एक्ट 1764 – जिसमें सभी 13 उपनिवेशों को अपनी चीनी इंग्लैंड को ही देना होता था जिसमें उन्हें कीमत अच्छी नहीं मिलती थी।

2– क्वॉरेंटाइन एक्ट 1764 – जिसमें ब्रिटिश सेना उन उपनिवेशों के घर में रह सकती है और इन सभी सैनिकों का खर्चा इन उपनिवेशों के द्वारा ही लिया जाएगा।

3– स्टाम्प एक्ट 1765– इसके तहत सभी लीगल दस्तावेज , न्यूज़पेपर में एक मुहर लगाई जाएगी जो अनिवार्य होगा। जिसके लिए इन्हें कीमत देनी होगी , जिसमें लॉयर, पढ़े लिखे जवानों सभी इस नियमों के तहत उनमें आक्रोश पैदा हुआ।
जिसमें सभी पढ़े लिखे व्यक्तियों द्वारा विरोध किया गया। यह पहला विरोध था जिसमें नारा दिया गया – ‘बिना प्रतिनिधित्व के कोई टैक्स नहीं ’ ।

1765 में इन सब के द्वारा एक संगठन बनाया गया। इस संगठन का नेतृत्व सैमुएल आडंस ने किया । जो की ब्रिटिश सरकार की तानाशाह और मनमानी तरह से शासन के खिलाफ था ।यह एक क्रांतिकारी विचारों के थे । उनके द्वारा ऐसे समिति बना गई जिसमें सभी शहरों के लोग आपस में कनेक्ट थे । जिसने तहत ये सभी लोगो को अपना संदेश भेजते थे। जिससे क्रांति करने में एक सहायता मिली।
इस क्रांति से इस से स्टाम्प एक्ट को वापस ले लिया गया। ब्रिटिश सरकार द्वारा।

1767 में ब्रिटिश के चांसलर ऑफ द एक्स्चीकर ( वित्तीय मंत्री ) द्वारा नए नियम लाए गए । जिसके तहत कागज ,चाय और महत्वपूर्ण सामानों पर टैक्स बढ़ा दिया गया । जिसके बाद दोबारा ब्रिटिश के खिलाफ़ विरोध हुआ। जिसमें ब्रिटिश द्वारा आंदोलनकारी पर हमला किया गया। इसे बोस्टन मैसेकर 1770 कहा गया।


ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सभी टैक्स को हटा दिया। परंतु चाय पर इन्होंने अभी भी टैक्स रखा जिसमें लोगों द्वारा इसका विरोध किया गया। और लोगों द्वारा सामानों को बंदरगाह पर उतारने नहीं दिया गया। हचिंसन (hutchinsan ) ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सुरक्षा देने की बात कही जिसमें चाय पत्ती आ रही थी , जिसमें लोगों द्वारा चुपके से समुद्री जहाज पर चढ़कर सभी सामानों को समुद्र में फेंक दिया गया ।
इसे बॉस्टन टी पार्टी कहा गया। जो की 16 दिसंबर 1773 में हुआ।
इसके बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा इसके हर जाने के लिए कहा जाने लगा ।

सितंबर 1774 में 13 उपनिवेशों के द्वारा सभा बुलाई गई। यहां उनके प्रतिनिधित्व भी आए और इन्होंने खुद निर्णय लिया । जिसमें इन्होंने स्वदेशी के बारे में कहा , इसके बाद लड़ाई शुरू हो गई जिसे अमेरिकी स्वतंत्रता की लड़ाई कहा गया, यह लड़ाई ब्रिटिशों के खिलाफ थी ।

इस समय किंग जॉर्ज 3 ब्रिटेन के राजा थे। जिन्हें उन्होने पत्र लिखकर बोल की लड़ाई को हम रोक देंगे अगर आप सभी टैक्सो को खत्म कर देंगे पर राजा ने उनकी बातों को नहीं माना। 1776 के आते-आते 13 उपनिवेशों ने सभी ब्रिटिश लोगों को जो पदों पर निर्धारित थे । उन सभी को हटा दिया । तब यहां के लोगों ने उन 13 उपनिवेशों को 13 स्टेट कहा ।
दूसरी बार 13 उपनिवेशों की दोबारा सभा बुलाएगी जो की 4 जुलाई 1776 में की गई थी इसमें उन्होंने अपने को स्वतंत्र घोषित कर दिया जिसे आज भी अमेरिकी आजादी का दिन माना जाता है ।
अब सभी कार्यों को अब इनके ही द्वारा किया जाने लगा । इन्होंने फ्रेंच अंपायर से सहायता लेकर ब्रिटिश अंपायर को हटा दिया । फ्रांस ने अपनी पूरी ताकत की लगा दिया इसमें।
फ्रांस युद्ध के बाद दोबारा अमेरिका पर कब्जा करता है इसे पहले की फ्रांस में खुद गृह युद्ध हो गया जिसके कारण अमेरिका को बहुत फायदा हुआ।

अमेरिका क्रान्ति का अंत कैसे हुआ ।
इस युद्व का अंत पेरिस में संधि के साथ खत्म कर दिया गया । जिसमें ग्रेट ब्रिटेन ने अमेरिका को स्वतंत्र देश की घोषणा कर दी । इस सिद्ध में हजारों सैनिक मारे गए जिसमें 90% लोग बीमारी के कारण मरे । इस क्रांति के बाद अमेरिका को USA कहा जाने लगा।

3 thoughts on “अमेरिका की क्रांति का इतिहास और विकास किस प्रकार रहा है :– अमेरिका में स्वतंत्रता की लड़ाई। ( fight for independence in america )”
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