पाषाण युग के बारे मे । प्रागैतिहासिक काल ,आद्य ऐतिहासिक काल,ऐतिहासिक काल संक्षिप्त में ।

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  • प्रागैतिहासिक काल के किसे कहते हैं
  • आद्य ऐतिहासिक काल किसे कहते हैं
  • ऐतिहासिक काल किसे कहते हैं
  • पाषाण युग से आप क्या समझते हैं
  • पुरापाषाण काल किसे कहते हैं
  • मध्य पाषाण काल किसे कहते हैं
  • नवपाषाण काल किसे कहते हैं

प्रागैतिहासिक काल के किसे कहते हैं .
प्रागैतिहासिक काल उसे समय को कहते हैं जिसके बारे में हमें ना ही कुछ लिखा मिलता है और ना ही हमें इसके कोई भी साक्षी लिखे हुए तौर पर मिलते हैं इसे प्रागैतिहासिक काल कहते हैं और प्रागैतिहासिक काल के जनक को रॉबर्ट ब्रुस कहते हैं जिन्होंने 1863 में किया।

आद्य ऐतिहासिक काल किसे कहते हैं
आद्य ऐतिहासिक काल हम उसे काल को कहते हैं जिसके बारे में हमें काफी कुछ लिखे हुए प्रमाण मिलते हैं। परंतु हम उन लिखे हुए शब्दों की पहचान और उसे ना ही पढ़ पाए हैं इस प्रकार के काल को हम आद्य ऐतिहासिक काल कहते हैं इस प्रकार के साक्ष्य हमें सिंधु घाटी सभ्यता से मिलते हैं।

ऐतिहासिक काल किसे कहते हैं

ऐतिहासिक काल हम उसे काल को कहते हैं इस काल जहां के अक्षरों या शब्दों की पहचान कर सकते हैं उन्हें हम ऐतिहासिक काल कहते हैं।

पाषाण युग से आप क्या समझते हैं
यह तीन प्रकार के कल होते हैं

  • पूरा पाषाण काल
  • मध्य पाषाण काल
  • नवपाषाण काल

1 पुरापाषाण काल किसे कहते हैं
5 लाख ईसवी पूर्व से 10000 ईसवी पूर्व तक के समय को पूरा पाषाण काल कहते हैं तथा इसे पिस्टोसिन या हिम युग भी कहते हैं 10 लाख वर्ष से पहले पृथ्वी बर्फ से पूरी तरह से ढकी हुई थी। उसे समय मानव द्वारा उपयोग में आने वाले औजारों के हिसाब से तीन वर्ग में बटा है पूरा पाषाण काल ।
1 निम्न पुरापाषाण काल उसे समय मानव द्वारा कुल्हाड़ी जैसे पत्थर का उपयोग किया जाता था जिसे 1863 में रॉबर्ट ब्रुस ने अपनी खोज में पाया। यह सब उन्हें सोहन घाटी से मिले।
2 मध्य पुरापाषाण काल इस काल को हम फलक संस्कृति काल भी कहते हैं निवास और गोदावरी नदी के तट पर मध्य पुरापाषाण काल के साक्ष्य मिलते हैं
3 उच्च पुरापाषाण काल उच्च पुरापाषाण काल में जलवायु गर्म होने लगी जिसके कारण मानव द्वारा औजारों में बदलाव आए भीमबेटका के चित्रों से यह जानकारी मिलती है जो कि मध्य प्रदेश में है।

2 मध्य पाषाण काल किसे कहते हैं
10,000 ईसवी पूर्व से 4,000 ईसवी पूर्व तक का समय मध्य पाषाण काल कहा जाने लगा।
मध्य पाषाण काल 1967 में सी एल कार्लाइल
ने खोजा उन्होंने इसमें पाया कि जानवरों को मारने के अलावा उन्हें पालने का भी काम किया करते थे ।तथा कुत्ता एक ऐसा जानवर था जो मनुष्य ने सबसे पहले पालन शुरू किया यह राजस्थान मध्य और पूरी भारत से इसके साक्ष्य मिलते हैं मध्य पाषाण काल तक मनुष्य ने आग का उपयोग करना सीख लिया था ।

3 नवपाषाण काल किसे कहते हैं
1860 ई. में मन्सूरर द्वारा नवपाषाण काल की खोज की गई थी उन्होंने पाया कि इस काल में कृषि करना शुरू कर दिया था। जिससे मानव ने स्थाई रूप से एक जगह निवास करना शुरू कर दिया था। इस काल में मानव ने पहिए का आविष्कार कर दिया था परंतु मिट्टी के बर्तन बनाने में उपयोग करता था पहिए का। शुरू में मानव नदियों के किनारे रहना ज्यादा पसंद करता था।

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