भारतीय नोटों का इतिहास :- भारतीय नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर। History of Indian Notes.

  • नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर कहा से ली।
  • भारतीय नोटों की शुरुआत आजादी के पहले किस प्रकार हुई।
  • भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना कब हुई।
  • भारत में नोटबंदी का इतिहास किस प्रकार था।

आजादी के बाद भी भारतीय नोटों पर किंग जॉन VI की तस्वीर थी ,लेकिन कुछ समय बाद भारत सरकार ने 1945 में इस तस्वीर के बदले सारनाथ के अशोक स्तंभ की तस्वीर बदली , ₹1 के नोटो से।
RBI ने यह निर्णय काफी चर्चा के बाद किया , शुरुआत में RBI द्वारा महात्मा गांधी की तस्वीर की चर्चा हुई थी।

1950 में भारतीय गणराज्य द्वारा इसी निर्णय को आगे बढ़ते हुए। ₹2 , ₹5 ,₹10 और ₹100 के नोटो में भी अशोक स्तंभ की तस्वीर लगाई गई। शुरुआती समय के नोटों के पीछे वाले भागो में जानवरों जैसे बाघ और हिरण के चित्र हुआ करते थे।
परंतु 1970 के पास आते-आते इन चित्रों में कृषि प्रयासों को दर्शाती थी । जिसमें खेती करना और चाय की पत्तियां तोड़ना शामिल थी।
1980 के समय तक नोटो पर वैज्ञानिक तकनीकी विकास और भारतीय कला को दिखाए जाने लगा।

₹2 के नोट पर आर्यभट्ट उपग्रह और ₹5 के नोट पर कृषि मशीनीकरण दिखाए गये।

महात्मा गांधी की तस्वीर नोटों पर 1969 में लगाई गई। जब महात्मा गांधी की 100 जयंती पर RBI ने एक विशेष श्रृंखला जारी किया ।जिसमें 1969 के RBI गवर्नर एलके – झा के समय पर नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ सेवाग्राम आश्रम की तस्वीर लगाई गई ।

महात्मा गांधी की तस्वीर अभी सभी नोटों पर नहीं आने लगी। कुछ सालों बाद 1987 में ₹500 के नोटों की एक श्रृंखला जारी किया। जिसमें महात्मा गांधी की तस्वीर लगी हो। 1996 में महात्मा गांधी की श्रृंखला आई जिसमें नोटों पर बहुत बदलाव किए गए।

नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर कहा से ली।


आज के नोटों पर जिसमें महात्मा गांधी की फोटो है । वह 1946 की एक फोटो की कट- आउट तस्वीर है । जब वे ब्रिटिश राजनेता लॉड फेजारिक विलियम मेथिक -लॉरेंस के साथ खींची गई थी।

भारत में नोटों पर डिजाइन मुद्रा प्रबंधन विभाग द्वारा तय किया जाता है लेकिन इसकी मंजूरी केंद्रीय बैंक और केंद्रीय सरकार द्वारा तय किया जाता है।

महात्मा गांधी की तस्वीर भारत में अधिकतर नोटों पर 1990 के बाद आई क्योंकि इसका एक मुख्य कारण यह भी रहा । लोगों द्वारा इन नोटों को आसनी से नकल किया जा रहा था। परंतु मानव के चेहरे को नकल करना मुश्किल था , इसलिए 1990 के बाद सभी नोटों पर गांधी की तस्वीर लगाई जाने लगी।

भारतीय नोटों की शुरुआत आजादी के पहले किस प्रकार हुई।
1861 में भारत सरकार द्वारा अपना कागजी नोटों की शुरुआत की गई । इसी के साथ भारत में अन्य नोट लाए गए । जो कुछ इस प्रकार थे।

*1864 से ₹10 के नोट की शुरुआत
*1872 से ₹5 के नोट की शुरुआत
*1899 से ₹10,000 के नोट की शुरुआत
*1900 से ₹100 नोट की शुरुआत
*1905 से ₹1,000नोट की शुरुआत
*1917 से ₹1 नोट की शुरुआत

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना कब हुई।
भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 में की गई। इसके बाद ये नोट RBI द्वारा छापे गए जो की इस प्रकार है, जिसमें ₹2, ₹5 , ₹10 , ₹50 , ₹100, ₹1000 , ₹10000 रुपए के नोट थे। जो कि RBI द्वारा छापे जाते थे।

भारत में नोटबंदी का इतिहास किस प्रकार था।
भारत में अभी तक तीन बार नोटबंदी किया है जिसमें जनवरी 1946 व 16 जनवरी 1978 तथा तीसरी बार 8 नवंबर 2016 में किया था नोटबंदी का मुख्य उद्देश्य काले धन पर रोक लगानी थी तथा जाली नोटों से छुटकारा पाने से था।

1- ( जनवरी 1946 ) – यह वह समय था जब ₹1,000 व ₹10,000 रुपयो को वापस ले लिया गया । लेकिन 1954 में ₹1000 व ₹5000 और ₹10,000 के नए नोटों दोबारा शुरू किए गए थे।

1947 का नोट जब भारत मे 10000 का नोट चलता था।

2- (16 जनवरी 1978 ) – यह दूसरी बार था जब भारत में नोटबंदी हुई। उस समय BJP की गठबंधन सरकार थी जिसमें ₹1000 व ₹10,000 और ₹5,000 के नोटों को मुद्रीकरण किया गया। इसके बाद इन नोटों को बंद कर दिए गए।

3- ( 8 नवंबर 2016 ) – इस नोटबंदी में ₹500 और ₹1000 के पुराने नोटों को बंद कर दिया गया। 2016 में इसके बदले ₹500 और ₹2000 के नए नोटों को शुरू किया गया। फिर समय के साथ ₹2000 के नए नोटों को बाजार से वापस ले लिया गया । 2023 तक आते-आते ₹2,000 के नोटों पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए।

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