महात्मा गांधी जी के जीवन के बारे में जानकारी ( आत्मकथा ) :– Mahatma Gandhi biography

  • गांधी जी के जीवन के बारे में कुछ शब्द
  • महात्मा गांधी के प्रारंभिक जीवन के बारे में
  • भारत की आजादी में महात्मा गांधी का संघर्ष
  • गांधी द्वारा चलाई गई पत्रिकाए
  • गांधी जी द्वारा लिखी गई पुस्तके
  • हिंद स्वराज, दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास
  • सत्य के प्रयोग (आत्मकथा) ,गीता माता

गांधी जी के जीवन के बारे में कुछ शब्द :

गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है, इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात में हुआ था। यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में प्रमुख नेता एक वकील और लेखक भी रहे हैं। अहिंसा इनका प्रमुख शस्त्र था , इसलिए लोगों द्वारा इन्हें महान व्यक्ति व महात्मा गांधी नाम दिया गया । महात्मा गांधी को बापू नाम साबरमती आश्रम से पड़ा, जहां इनके शिष्यों द्वारा बापू नाम दिया। तथा इन्हें राष्ट्रपिता नाम से सुभाष चंद्र बोस ने संबोधित किया। प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को इनके जन्म दिन पर गांधी जयंती तथा पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
सबसे पहले गांधी जी द्वारा एक वकील के रूप में दक्षिण अफ्रीका में नागरिक अधिकारों के लिए सत्याग्रह शुरू किया गया । और जब 1915 में भारत वापसी पर यहां के किसानों , श्रमिकों व भूमि मजदूरों के लिए आवाज उठाने के लिए एकजुट हुए।
यहां से गांधी जी ने धार्मिक एवं जातीय विरोध व अस्पृश्यता का विरोध और देश की आजादी के लिए प्रमुख कार्यों को किया जाने लगा ।1930 में नमक सत्याग्रह व 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों का विरोध किया।

महात्मा गांधी के प्रारंभिक जीवन के बारे में :–

मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म गुजरात राज्य के पोरबंदर नामक स्थान पर 2 अक्टूबर 1869 में हुआ । इनके पिता करमचंद गांधी एक दीवान के पद पर थे। पुतलीबाई जो करमचंद गांधी की चौथी पत्नी थी, जो एक वैश्य समुदाय की थी । गांधी जी का 13 साल की उम्र में 1982 में कस्तूरबा गांधी से विवाह हुआ । यह एक बाल विवाह था जो कि उसे समय यह प्रचलित था , कस्तूरबा गांधी ने अपनी 16 साल की उम्र में अपना पहला बच्चे को जन्म दिया जो कुछ समय बाद बच नही सका और मर गया ।
महात्मा गांधी के चार पुत्र थे जिनका नाम 1–हीरालाल (1888) 2–मणिलाल (1892)
3–रामदास (1897) 4– देवदास (1900)

गांधी जी ने पोरबंदर से अपनी मैट्रिक की शिक्षा पास की। सामलदास कॉलेज भावनगर से पढ़ने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए 19 साल में 1888 में इंग्लैंड चले गए, जहां इन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से कानून की पढ़ाई की ।
महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों पर हो रहे भेदभाव को देखा । एक बार गांधी जी के पास प्रथम श्रेणी कोच की टिकट होने के बावजूद भी उन्हें धक्के मारके तृतीय श्रेणी कोच में बैठने को कहा। तब गांधी जी द्वारा अंग्रेजी साम्राज्य में अपने देशवासियों के स्थिति पर प्रश्न उठने लगे।

भारत की आजादी में महात्मा गांधी का संघर्ष
जब गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से 1915 के बाद भारत में लौट आए। उस समय भारत में गांधीजी की पहली उपलब्धि चंपारण सत्याग्रह और खेड़ा सत्याग्रह जो 1918 से शुरू हुआ ।उस समय जमीदारों द्वारा लोगों पर अत्याचार व गरीब स्थिति का होना ये सब आम बात थी । ऐसी स्थिति गुजरात के खेड़ा में भी थी।
इसके बाद गांधी जी ने गुजरात में रहना शुरू किया। वहा एक आश्रम भी बनाया ।
गांधी जी ने जमीदारों के खिलाफ हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया , जिससे गांधी जी लोगों में यह प्रसिद्ध व्यक्ति बन गए । जहां से इन्हे बापू कहा जाने लगा ।
गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन चलाया गया , जिसमें सभी लोगों ने इसमें भाग लिया यह आंदोलन अंग्रेजों के खिलाफ था इसमें अहिंसा प्रमुख शस्त्र था। जब बाद में जलियांवाला बाग हत्याकांड में हत्या होने से हिंसा शुरू होने लगा । इससे असहयोग आंदोलन पर को रोक लगा दी गई । इसके बाद 1920 में गांधी जी कांग्रेस पार्टी से जुड़े। गांधी जी ने कई आंदोलन भी किये अंग्रेजो के खिलाफ । गांधी जी द्वारा नमक पर कर लगाए जाने पर भी 1930 में नमक सत्याग्रह चलाया गया। जिसमें 12 मार्च से 6 अप्रैल तक 400 किलोमीटर कि पैदल यात्रा गई। जिसमें अहमदाबाद से डांडी का यह सफर था।
जब 1932 में अंबेडकर द्वारा दलितों के लिए अलग निर्वाचन मंजूरी किया गया । जिसके तहत महात्मा गांधी ने 6 दिनों तक अनशन किया। इसके बाद गांधी जी ने दलितों को हरिजन नाम भी दिया गया ।
इसके बाद आरक्षण दिए जाने पर गांधी जी राजी हुए । द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब अंग्रेजों द्वारा भारतीय सैनिकों को युद्ध मे ले जाते समय अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई निभाई ।
भारत विभाजन के समय गांधी जी ब्रिटिश कैबिनेट मिशन के प्रस्ताव से खुश नहीं थे , इनका विचार भारत को विभाजन करने का नहीं था , भारत में बहुतायत में हिंदू ,सिख इस विभाजन के पक्ष में थे ,मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना भी इसके पक्ष में थे ।
महात्मा गांधी द्वारा दंगों को कम करने के लिए विभाजन की मंजूरी दे दी गई । पाकिस्तान विभाजन परिषद ने 44 करोड रुपए देने का निर्णय किया था । सरदार पटेल द्वारा इसे मना किया गया था। क्योंकि उन्हें डर था कि इसका उपयोग ये खुद युद्ध में कर सकते हैं तब हिंसा न बढ़ जान पर गांधी द्वारा 55 करोड रुपए की मंजूरी को दे दिया गया। जिससे नाथूराम गोडसे जो कट्टर हिंदू महासभा से संबंध था जिनका । इन्होने गांधी जी को गोली मार कर हत्या कर दी । जब गांधी की नई दिल्ली के बिल्ला हाउस में थे।
गोडसे का मानना था इन्होंने मुसलमान को भुगतान करके भारत को कमजोर करने में गांधी जी का हाथ समझा , गांधी जी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 में हो गई।

गांधी द्वारा चलाई गई पत्रिकाए:–
महात्मा गांधी एक लेखक भी थे। इन्होंने कहीं पत्रिकाओं का संपादन किया , इसमें हरिजन , इंडियन ओपिनियन , यंग इंडिया शामिल थीं ।इन्होंने नवजीवन नाम की एक मासिक पत्रिका भी निकली थी।

गांधी जी द्वारा लिखी गई पुस्तके
महात्मा गांधी एक प्रसिद्ध लेखक रहे। इन्होंने कई पुस्तके लिखी ,जो हिंद स्वराज ,दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास ,सत्य के प्रयोग( आत्मकथा ) ,गीता माता प्रमुख रहे।

1–हिंद स्वराज – जिसे महात्मा गांधी ने 1909 में लिखी थी ।
2–दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास –इस पुस्तक को गांधी जी ने जेल में लिखा था। जिससे 1925 में प्रकाशित किया गया
3– सत्य के प्रयोग (आत्मकथा )– इसे गांधी जी ने 1928 में प्रकाशित किया। जिसमें उनके आत्मकथा के बारे में लिखा गया है
4–गीता माता – जिसमे संपूर्ण गीता को गुजराती में अनुवाद किया गया है

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